एनडी तिवारी के बेटे राेहित शेखर की हत्या का पूरा सच

सुनील वर्मा

चार बार यूपी, एक बार उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री, एक बार राज्‍यपाल और दो बार केन्‍द्र में मंत्री रहे कांग्रेस के दिवंगत नेता नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की हत्या की गुत्‍थी दिल्‍ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सुलझा ली है। इस हत्याकांड के मामले में आखिरकार क्राइम ब्रांच ने रोहित की पत्नी अपूर्वा शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी अपूर्वा के खिलाफ ठोस सबूत मिलने के बाद की गई है। अपूर्वा से तीन से लगातार पूछताछ चल रही थी। इस मामले में शुरू से ही शक की सुई रोहित की पत्नी अपूर्वा की तरफ घूम रही थी। हांलाकि अभी तक पुलिस ने हत्‍या की ठोस वजह का खुलासा नहीं किया है। लेकिन अपूर्वा ने पुलिस को अपना गुनाह कबूल करते समय जो बयान दिया है वो हैरान कर देने वाला है।
अपूर्वा शुक्ला ने अपने पति रोहित की हत्या का गुनाह कबूल लिया है। साथ ही पेशे से वकील अपूर्वा ने यह भी बताया कि कैसे उसने 90 मिनट के दौरान अपनी पति की मौत की घटना को अंजाम दिया और इस दौरान सबूत मिटाने की कोशिश भी की। अपूर्वा के बताए घटनाक्रम के मुताबिक, रोहित और अपूर्वा के बीच संबंध शादी के कुछ दिन बाद से ही खराब होने लगे थे, क्योंकि रोहित की शराब पीने की आदत का पता शादी के कुछ दिन बाद ही पत्नी अपूर्वा को चल गया था। इस बीच अपूर्वा ने रोहित को शराब छोड़ने को कहा, लेकिन रोहित ने उसकी बात नहीं मानी। धीरे-धीरे अपूर्वा को यह भी पता चल गया कि रोहित को हृदय संबंधी बीमारी है और उसे दो बार हार्टअटैक भी आ चुका है, बावजूद इसके वह नींद की दवाइयां लेता था। इसके बाद से दोनों के बीच संबंध इस कदर खराब हो गए कि दोनों ने एक कमरे में रहना-सोना छोड़ दिया। आवास में मौजूद घरेलू सहायकों के मुताबिक, पति-पत्नी दोनों अलग-अलग कमरों में सोते थे और उन दोनों के बीच बातचीत न के बराबर होती थी।

रोहित तिवारी

दरअसल रोहित की पत्नी अपूर्वा पुलिस पूछताछ शुरू होंने के बाद से ही लगातार बयान बदल रही थी। जिस कारण पुलिस का सारा शक शुरू से उसी के इर्द गिर्द घूम रहा था। वारादत वाली रात को लेकर अपूर्वा ने अब तक तीन अलग-अलग बयान दिए। जिसकी वजह से पुलिस का शक पुख्ता होने लगा था। पुलिस वारदात के बाद से रोहित की पत्नी समेत घर के 6 लोगों से पूछताछ की थी।
एडीशनल कमीशनर राजीव रंजन ने बताया कि अपूर्वा के लगातार बदलते बयानों से पुलिस को उस पर पूरा शक गहरा गया था। रोहित शेखर की मौत के बाद जिस तरह के घटनाक्रम सामने आये उससे अपूर्वा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उससे साफ हो गया कि हत्या वाली रात अपूर्वा और रोहित के बीच कुछ असामान्‍य जरूर हुआ था।

रोहित और अपूर्वा: अब यादें शेष

हत्‍या की कई थ्‍योरी

वैसे हत्‍या की कई थ्‍योरी बतायी जा रही है। झगड़े का कारण ये भी था कि उस रात रोहित अपनी एक महिला मित्र के साथ शराब पी रहा था और अपूर्वा ने उसे देख लिया था। उधर, अपूर्वा की अपने मायके वालों के लिए अलग से मकान बनाने को लेकर भी रोहित से अनबन चल रही थी। बताते हैं कि अपूर्वा और रोहित के बीच इस मामले को लेकर हत्या वाली रात हाथा पाई हुई थी और उसी दौरान रोहित का गला दबाकर उसे मार दिया गया।

एनडी तिवारी रोहित के साथ

पुलिस ने अपूर्वा का ब्लड सेंपल और घटनास्थल पर पाए गए खून के नमूने भी लिए थे। जिसे परीक्षण के लिए भेजा गया है। अपूर्वा ने सबूत मिटाने के लिए अपना मोबाइल तक फार्मेट कर दिया था और जिस कमरे में रोहित की हत्या हुई वहां के सीसीटीवी कैमरे खराब होना भी इस बात की तस्दीक करता था कि हत्या में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, घर का ही कोई शख्स शामिल था। अपूर्वा के बयानों के अनुसार उसके और रोहित के बीच में हाथापाई के दौरान दोनों ही एक दूसरे को मारने की कोशिश कर रहे थे। जिसमें अपूर्वा कामयाब हो गई।

गौरतलब है कि मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पहले दिन ही ये साफ कर दिया था कि कातिल घर का ही कोई सदस्‍य है। क्‍योंकि वारदात के दिन घर के अंदर कुल छह लोग थे। ना बाहर से कोई अंदर आया। ना घर से कोई बाहर गया। फिर भी छह में से एक का क़त्ल हो जाता है। घर के अंदर और बाहर कुल सात सीसीटीवी कैमरे है। एक कैमरा घर के अंदर और बाहर की सारी तस्वीरें दिखा रहा है।

रोहित तथा अपूर्वा


पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उठे थाे सवाल

रोहित शेखर तिवारी राजधानी दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में अपनी मां उज्ज्वला तिवारी के साथ रहते थे, जहां वो कमरे में संदिग्ध हालात में पाए गए थे। उन्हें फौरन साकेत मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था। रोहित की मौत पर उनकी मां उज्ज्वला ने कहा था कि उन्हें किसी पर शक नहीं है, ये प्राकृतिक माैत ही है। 
रोहित शेखर तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत गले में रुकावट यानि गला चोक होने से हुई। रिपोर्ट के हिसाब से मुंह किसी चीज़ से दबाया गया। जिसकी वजह से वो सांस नहीं ले पाए। उनका गला भी घोंटा गया। जिससे उनकी मौत हो गई। उनकी मौत का समय 15-16 अप्रैल की दरम्यानी रात 1:30 बजे का बताया गया। जबकि रोहित को 16 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अस्पताल ले जाया गया। इसका मतलब ये है कि वो करीब 15 घंटे तक घर में ही मृत पड़े थे। पोस्टकमार्टम रिपोर्ट के बाद डिफेंस कालोनी थाने में हत्याक का मामला दर्ज किया गया था लेकिन अगले ही दिन इस मामलें में कई तरह के झोल देखकर जांच का काम अपराध शाखा को सौंप दिया गया।

रोहित की मां उज्‍जवला

कब और कैसे हुई थी मौत 
क्राइम ब्रांच ने वारदात वाली रात ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद सिद्धार्थ, एक महिला नौकरानी और नौकर गोलू की पत्नी को लगभग क्लीन चिट दे दी है। सीसीटीवी फुटेज के हिसाब से ये दोनों वारदात वाली रात से लेकर सुबह तक अपने-अपने कमरों में थे। बता दें कि 15 अप्रैल को ही पूरा परिवार उत्तराखंड से वोट डालकर दिल्ली लौटा था और 15 अप्रैल की रात घर में रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा तिवारी, सिद्धार्थ, ममेरा भाई राजीव और उसकी पत्नी कुमकुम भी थीं। खाना खाने के बाद रात 11 बजे उज्ज्वला, राजीव और कुमकुम तिलक लेन स्थित घर चले गए थे। इसके बाद रोहित अपने कमरे में जाकर सो गए। बगल के कमरे में उनकी पत्नी अपूर्वा भी सो गई थीं। सीसीटीवी फुटेज में अपूर्वा रात करीब 1:30 बजे से 2:30 बजे के बीच रोहित के कमरे में जाते हुए दिखाई दी । पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रोहित की मौत का समय भी सोमवार की रात 1.30 से 2 बजे के बीच बताया गया है। ऐसे में क्राइम ब्रांच के शक की सूई अपूर्वा पर आकर ठहर गई थी और उन्हें मुख्य संदिग्ध मानकर पूछताछ की गई जिसके बाद उन्‍होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया लेकिन हत्‍या की जो वजह बतायी वो फिलहाल पुलिस के गले भी नहीं उतर रही है। अपराध शाखा के अधिकारी अपूर्वा को अदालत में पेश कर उसका पुलिस रिमांड लिया जिसके बाद हत्‍या की असली वजह का खुलासा हो गया है।

रोहित तथा अपूर्वा

पुलिस की कहानी 
एडिशनल पुलिस कमिश्नर क्राइम ब्रांच राजीव रंजन ने आधिकारिक रूप से रोहित की हत्या का पर्दाफाश करते वक्त बताया कि वैवाहिक जीवन में कलह और संतान व संपत्ति नहीं मिलने की वजह से अपूर्वा शुक्ला अवसाद में थी। घटना वाले दिन रोहित और भाभी कुमकुम के एक साथ शराब पीने को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था। इसी दौरान गुस्से में आकर अपूर्वा ने रोहित का गला घोंट दिया। बीमारियों से शरीर कमजोर होने और नशे की हालत में होने की वजह से रोहित अपूर्वा का विरोध नहीं कर पाए। वारदात के बाद उसने रोहित की नाक और मुंह को भी दबाया था। रोहित के मुंह और नाक से खून निकलने की यही वजह मानी जा रही है। 15 अप्रैल को रोहित जब परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वोट डालकर लौट रहे थे, उसी समय अपूर्वा ने वाट्सएप पर उन्हें कॉल की थी। इसमें वह कुमकुम के साथ एक ही गिलास में शराब पीते दिखे थे। रात करीब 10.30 बजे रोहित घर लौटे तो कार में कुमकुम भी बैठी थीं। रोहित के ड्राइवर अखिलेश कार चला रहे थे। पीछे की सीट पर एक तरफ रोहित, बीच में निगम (एनडी तिवारी के पीए रह चुके हैं) और दूसरी तरफ कुमकुम बैठी थी। घर आने के बाद रोहित ने अकेले, जबकि अन्य सभी ने एक साथ खाना खाया। इसके बाद रोहित की मां उज्ज्वला रात करीब 12 बजे राजीव व कुमकुम के साथ तिलक लेन स्थित घर चली गईं, जबकि रोहित ऊपर सोने चले गए। यहां अपूर्वा व रोहित में बहस शुरू हो गई और कुछ देर बाद आखिरकार रोहित की जान ही चली गई। पुलिस को दिए बयान में अपूर्वा ने साफतौर पर कहा कि वह अपने और रोहित के बीच रिश्ते को लेकर परेशान थी, शादी उसके लिए किसी समस्या की तरह हो गई थी। पुलिस के मुताबिक एक ही गिलास में कुमकुम के साथ शराब पीने की बात पर अपूर्वा उस रात बुरी तरह भड़कने पर इस वारदात काे अंजाम दिया था।

16 की शाम का डिफेंस कॉलोनी का बंगला

रोहित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का शक जाहिर किए जाने के बाद 19 अप्रैल को क्राइम ब्रांच की टीम जब रोहित के डिफेंस कालोनी स्थित घर पहुंची तब अपूर्वा ने उन्हें घर में घुसने नहीं दिया। संयोग था कि 16 की शाम को डिफेंस कॉलोनी पुलिस ने रोहित का कमरा सील कर दिया था। इसलिए अपूर्वा रोहित के कमरे से सुबूत नहीं मिटा पाई थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने जब कमरे को खोलकर आपराधिक एंगल पर जांच शुरू की तो प्रथमदृष्टया ही हत्या की बात स्पष्ट हो गई थी। लेकिन, बिना सुबूतों के पुलिस अपूर्वा पर शिकंजा कसना नहीं चाहती थी। इसके बाद घर में मौजूद सभी सदस्यों से पांच दिन तक गहन पूछताछ की गई। इस बीच कई कई बार सभी से अलग अलग पूछताछ की गई फिर आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आए तथ्यों को क्रॉस चेक भी किया गया। मोबाइल कॉल डिटेल रिकार्ड की जांच की गई। बिस्तर व तकिया पर मिले खून की फोरेंसिक जांच कराई गई। फिंगर प्रिंट और डीएनए जांच रिपोर्ट ने भी अपूर्वा को ही संदेह के घेरे में खड़ा किया। जांच में सहयोग नहीं करने से भी पुलिस का शक अपूर्वा पर गहरा गया था। जब पूछताछ की गई तब अपूर्वा ने हत्या करने की बात कुबूल कर ली। रोहित के कमरे में चादर और तकिया पर अपूर्वा के फिंगर प्रिंट भी मिले हैं।

अपूर्वा का परिवार मनी माइंडेड

क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान उज्ज्वला रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा तिवारी के लगातोर चौंकाने वाले बयान आ रहे थे। बीते 21 अप्रैल को उन्होंने कई नए खुलासे किए थे। उन्होंने कहा था कि रोहित पहली बार अपूर्वा से 2017 में लखनऊ में मिले थे। मेट्रोमोनियल साइट के जरिये इनका परिचय हुआ था। अपूर्वा मेरे करीबी रिश्तेदार की पत्नी पर रोहित से अवैध रिश्ते होने का शक करती थी जो गलत था। रोहित से शादी करने के बाद से ही अपूर्वा को रिश्तेदार व उनकी पत्नी से परेशानी थी। उन्होंने कहा था कि अपूर्वा का परिवार मनी माइंडेड है।

विवाह के पहले था बॉयफ्रेंड

अपूर्वा

उज्ज्वला ने कहा था कि विवाह के पहले अपूर्वा का बॉयफ्रेंड था। उनके पिता गलत बोल रहे हैं। अपने मेमेरे भाई राजीव के बेटे कार्तिक को सिद्धार्थ अपनी प्रॉपर्टी का हिस्सा देना चाहता है। इस बात से अपूर्वा नाखुश थी। राजीव और उनकी पत्नी ने 40 वर्ष मेरी व एनडी तिवारी की सेवा की है, इसलिए एनडी तिवारी इन्हें पुत्रवत मानते थे। मुझे कैंसर होने के बाद ये लोग मेरी सेवा के लिए मौजूद रहे। नवंबर 2017 में राजीव का परिवार मेरे यहां से तिलक लेन शिफ्ट हो गया था। तब कोई बात नहीं हुई। शादी के बाद रोहित जब डिफेंस कॉलोनी में रहने लगे तब शक होने लगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के अंदरूनी मामलों में मैं दखल नहीं देना चाहती हूं। आजकल शादियां इतने विलंब से होती हैं। लड़के-लड़कियों की 35-40 साल तक शादी नहीं होती है। जवान बच्चे एक-दूसरे से हंसी मजाक कर लेते हैं, यह अलग बात है। अपनी कमी को छिपाने के लिए गलत आरोप लगाए जा रहे थे।

राेहित के साथ अपूर्वा ओर उसके पिता

दोनों के बीच जल्‍द तलाक होंने वाला था

अपूर्वा के परिजनों का कहना है कि दोनों का हर दिन झगड़ा होता था। जुलाई में उनके तलाक की प्रकिया भी शुरू होने वाली थी। इस मामले में हत्या की आरोपी अपूर्वा की मां मंजुला और बहन अपर्णा का कहना है कि दोनों के बीच शादी के दिन से ही सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। ऐसा कोई दिन नहीं बीतता था, जब वह अपनी बहन से बात नहीं करती। बातों के दौरान कई बार वह रो पड़ती थी। छोटी बहन अपर्णा के मुताबिक, सास उज्ज्वला की प्रताड़ना, रोहित की मारपीट और धक्का देने की घटनाएं उसके साथ लगभग रोज होती थी। वह सुखलिया क्षेत्र के एक ज्योतिष के संपर्क में भी थी।
अपूर्वा की मां मंजुला के अनुसार, रोहित सुबह से ही शराब पीने लगता था। भाभी कुमकुम से वह शराब की बोतल और सिगरेट मंगवाता। अपूर्वा के रोकने पर उसे भी पीने के लिए कहता। वह अपूर्वा से कहता था कि पीने से पूरा दिन का तनाव दूर हो जाएगा। नींद भी अच्छी आयेगी। अपूर्वा के साथ न बैठने पर रोहित अपनी रिश्ते की भाभी कुमकुम के साथ बैठकर शराब पीता था।

क्‍या अपूर्वा को किसी को बचाने के लिए फंसाया गया 
अपूर्वा शुक्ला के घरवाले सामने आए हैं। उनका कहना है कि अपूर्वा बेकसूर है और उसे ससुराल पक्ष द्वार फंसाया जा रहा है। अपूर्वा के परिवार का आरोप है कि रोहित के घरवाले अपनी राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब अपूर्वा का परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। अपूर्वा की मां मंजूला ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने घर में काम करनेवालों को प्रॉपर्टी का लालच लेकर अपनी तरफ कर लिया है। मंजूला ने आगे कहा, ‘सबने मिलकर मेरी बेटी के खिलाफ साजिश रचकर उसे जेल भेजा क्योंकि अगर वह बाहर रहती तो असली गुनाहगार नहीं बच पाता।’ 
वहीं अपूर्वा के भाई ने कहा कि तिवारी के घरपर काम करनेवाले शख्स की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई थीं, फिर भी उसे क्लीन चिट क्यों दी गई? परिवार ने कहा कि उस शख्स को रोज रोहित को 9 से 10 के बीच जगाने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन उस दिन रोहित को वह शाम 4.30 तक उठाने नहीं गया था। फिर अपूर्वा के कहने पर ही वह रोहित के कमरे में गया। 
मंजुला का ये भी आरोप है कि उन्हें रोहित की हेल्थ कंडीशन के बारे में शादी से पहले नहीं बताया गया था। उन्हें बाद में पता चला कि रोहित डिप्रेशन आदि की काफी दवाएं खाता था। वह बोलीं, ‘शादी के बाद मेरी बेटी को रोहित काफी परेशान दिखता था। सोते वक्त भी उसकी बेचैनी दिखती थी। उसे सख्त हिदायत थी कि सोते वक्त रोहित को उठाया ना जाए।’

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