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सच के पीछे का सच

आईपीएल-12: बैंग्लोर चैलेंजर्स की लगातार चौथी हार

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आईपीएल-12 में मंगलवार को जयपुर में अपने ही घर में खेलते हुए मेज़बान राजस्थान रॉयल्स ने पहले तो रॉयल चैलेंजर्स बैंग्लोर को निर्धारित 20 ओवर में चार विकट पर 158 रन पर रोका और उसके बाद सात विकेट से जीत हासिल की.

राजस्थान ने जीत का लक्ष्य जोस बटलर के बेहद शानदार 59 और स्टीव स्मिथ के 38 रनों की मदद से 19.5 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया.

जोस बटलर ने शुरू से ही आक्रामक रूख अपनाते हुए 43 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का लगाते हुए 59 रन बनाकर जीत का आधार रखा.

बटलर के साथ पारी की शुरूआत करने वाले कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 22 रन बनाए.

सबसे बड़ी बात इन दोनो ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोडकर बैंग्लोर के गेंदबाज़ो के हौसले तोड़ दिए.

इसके बाद मैदान पर उतरे स्टीव स्मिथ ने भी 38 रन बनाकर अपने हाथ खोले.

बटलर और स्मिथ ने दूसरे विकेट के लिए 44 रन जोड़े

स्टीव स्मिथ

बचा खुचा काम राहुल त्रिपाठी ने मैच में एक गेंद कम रहते उमेश यादव की गेंद पर छक्का लगाकर पूरा किया.

राहुल त्रिपाठी तीन चौके और एक छक्के की मदद से 34 रन बनाकर नाबाद रहे.

इस जीत के साथ ही गुलाबी नगरी जयपुर में कप्तान अजिंक्य रहाणे को खोई मुस्कान भी लौट आई.

लगातार तीन हार से राजस्थान परेशानी में था. उसने आख़िरकार जीत का खाता खोला.

वहीं लगातार चार हार ने बैंग्लोर का खेल बिगाड दिया है.

अब सुपर फोर यानि अंतिम चार में पहुंचने के लिए उसकी डगर बेहद कठिन हो गई है.

इसके बावजूद बैंग्लोर के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि अभी 10 मैच बाकि है और वह बैठकर बात करेंगे कि कैसे टीम जीत की राह पकड़े.

पार्थिव पटेल

लैग स्पिनर श्रेयस गोपाल की घूमती गेंद पड़ी भारी

इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी की दावत पाकर रॉयल चैलेंजर्स बैंग्लोर की टीम निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट खोकर 158 रन बना सकी.

सलामी बल्लेबाज़ पार्थिव पटेल ने 41 गेंदों पर नौ चौके और एक छक्के की मदद से 67 रन बनाए.

पार्थिव पटेल जोफ्रा आर्चर की गेंद पर अजिंक्य रहाणे के हाथो कैच हुए.

उनके अलावा कप्तान विराट कोहली ने तीन चौको की मदद से 23 रन बनाए.

विराट कोहली और पार्थिव पटेल ने पहले विकेट के लिए 6.3 ओवर में ही 49 रनों को ज़ोरदार शुरूआत दी लेकिन इसका फ़ायदा उठाने में एबी डिविलियर्स और सिमरोन हैटमायर नाकाम रहे.

डिविलियर्स ने नौ गेंदों में 13 और हैटमायर ने नौ गेंदों पर एक रन बनाया.

विराट कोहली, एबी डिविलियर्स और हैटमायर को राजस्थान के लैग स्पिनर श्रेयस गोपाल ने अपना शिकार बनाया.

श्रेयस गोपाल ने इतने महत्वपूर्ण विकेट लेने के लिए चार ओवर में केवल 12 रन खर्च किए.

इसमें भी एक ओवर तो उन्होंने मेडन भी डाला.

आखिरकार इतने धुरंधर बल्लेबाज़ो को बैकफुट पर रखने वाले श्रेयस गोपाल हैं कौन.

श्रेयस गोपाल कर्नाटक के लिए खेलते है.

तेज़ी से लैग स्पिन करने की कला में वह माहिर है.

श्रेयस गोपाल का बैंग्लोर के ख़िलाफ़ 12 रन देकर तीन विकेट लेना उनका आईपीएल में किया गया सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन है.

उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के ख़िलाफ भी 27 रन देकर तीन विकेट हासिल किए थे.

उनकी शानदार गेंदबाज़ी के बीच एक समय बैंग्लोर का स्कोर तीन विकेट खोकर 73 रन था.

ऐसे में पार्थव पटेल ने मारकस स्टोइनिस के साथ पांचवे विकेट के लिए 53 रन जोडे.

स्टोइनिस 31 रन बनाकर नाबाद रहे.

उनके अलावा मोइन अली भी नौ गेंदों पर तेज़तर्रार 18 रन बनाकर नाबाद रहे.

एबी डिविलियर्स विराट कोहली

कप्तान रहाणे ने चतुराई से किया गेंदबाज़ो का इस्तेमाल

श्रेयस गोपाल के अलावा जोफ्रे आर्चर ने 47 रन देकर एक विकेट हासिल किया.

राजस्थान के गौतम ने भी बेहद किफायती गेंदबाज़ी करते हुए चार ओवर में केवल 19 रन दिए.

राजस्थान के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी अपने गेंदबाज़ो को बेहतरीन इस्तेमाल किया.

उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ वरूण ऑरोन से केवल एक ओवर कराया क्योंकि ऑरोन ने उसमें 16 रन दे दिए थे.

आलराउंडर बेन स्टोक्स ने भी बैंग्लोर के बल्लेबाज़ो के स्ट्रोक खेलने पर रोक लगाते हुए तीन ओवर में 29 रन दिए.

बेन स्टोक्स

बुधवार को चेन्नई और मुंबई आमने-सामने

आईपीएल-12 में बुधवार को एक बेहद रोमांचक मुक़ाबला होने की उम्मीद है.

इस मुक़ाबले में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेल रही जीत के रथ पर सवार चेन्नई सुपर किंग्स और रोहित शर्मा की कप्तानी में खेल रही मुंबई इंडियंस आमने-सामने होंगी.

यह मैच मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में खेला जाएगा.

पिछली चैंपियन चेन्नई ने अभी तक खेले गए अपने तीनों मैच जीते है.

दूसरी तरफ़ मुंबई इंडियंस ने तीन मैच खेले है. दो में उसे हार और एक में जीत मिली है.

क्यों हार रही है विराट की टीम?

ख़ुद कप्तान विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, हैटमायर, पार्थिव पटेल और संकटमोचक मोईन अली के होते बैंग्लोर क्यों लगातार हार रही है?

शायद इसकी सबसे बड़ी वजह बैंग्लोर के बल्लेबाज़ो का पिच के अनुरूप नही खेलना है.

यहां तक कि वह स्पिन गेंदबाज़ी ख़ासकर लैग स्पिन को तो बिलकुल नही खेल पा रहे है.

चेन्नई के ख़िलाफ तो पूरी टीम केवल 70 रन पर सिमट गई.

इतना ही नही हैदराबाद के ख़िलाफ़ भी उसका पुलिंदा केवल 113 रन पर बंध गया.

इसके अलावा मंगलवार को भी राजस्थान के ख़िलाफ़ चार विकेट खोकर केवल 158 रन ही बना सकी.

मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ ज़रूर उसने दमख़म दिखाया लेकन जीत नही सकी.

उस मैच में जीत के लिए 188 रनों की तलाश में वह पांच विकेट खोकर 181 रन बनाए.

विराट कोहली

उस मैच में कुछ भाग्य ने भी उसका साथ नही दिया क्योंकि लंसिथ मलिंगा की आखिरी गेंद नो बॉल थी. वहां अंपायर की चूक उन पर भारी पड़ी.

हो सकता है मैच टाई हो जाता या फ़िर बैंग्लोर जीत ही जाती क्योंकि तब उसे जीत के लिए केवल छह रनों की ज़रूरत थी और एबी डिविलियर्स खेल रहे थे.

हांलाकि अंतिम गेंद पर स्ट्राइक उनके पास नही थी.

इसके अलावा टीम चयन में भी गंभीरता दिखाई देती है.

चेन्नई का विकेट स्पिनर का मददगार था. महेंद्र सिंह धोनी ने तीन स्पिनर खिलाए जबकि विराट कोहली तेज़ गेंदबाज़ो पर भरोसा करते रह गए.

इसके अलावा राजस्थान के ख़िलाफ़ तो कम से कम पांच कैच बैंग्लोर ने टपकाए.

अब भला तीनों विभाग में टीम कमज़ोर हो तो कैसे बेड़ा पार हो

साभार बीबीसी हिंदी

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