सत्ता पे सवाल उठाना, मेरा अधिकार बनता है

मेरे सवाल उठाने पर, भड़कना है नही बाजिव,
पूछने और बताने से ही , ये संसार बनता है।
**
जनता को जबाब देना, तेरा दायित्व बड़भागी,
सत्ता पे सवाल उठाना, मेरा अधिकार बनता है।
**
तुझ पर सवाल उठाना, गद्दारी हो नही सकती,
फ़ौज पर जो सवाली है, वही गद्दार बनता है।
**
तेरे ही दाम पर बिक जाए, तेरा माल नामुमकिन,
पल पल मोल भाव से ही, तो ये बाजार बनता है।
**
जियाले इस धरा पर रोज पैदा हो नही सकते,
हजारों साल में मोदी सा, एक किरदार बनता है।
**
ये दुनिया जब कभी भी तेरा लोहा मान लेती है,
विश्व से आगे चलने का तभी आधार बनता है।
**

Rakesh gupta

लेखक कविताएं व ब्लॉग लिखता रहा है। संघर्ष NGO का फाउंडर महासचिव है, 30 साल से फ्रीलांसर पत्रकार है। है लेखक क्या चाहता है लेखक के शब्द मेरे देश मे भुखमरी, बेरोजगारी, असुरक्षा और भय का वातावरण खत्म होना चाहिए। भरष्टाचारियों और अपराधियों के लिए कठोर कानून होना चाहिये। सभी को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए मगर पुलिस को कर्तव्य पालन में अधिक कठोरता दिखानी होगी।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *