MP: हाई वोल्टेज ड्रामा, IT की रेड, CRPF और पुलिस में कहासुनी

भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा में स्थित अश्विन के घर पर सीआरपीएफ के साथ आयकर विभाग की टीम छापेमारी करने पहुंची थी। इस दौरान वहां मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारी भी पहुंच गए और बिल्डिंग के अंदर जाने की कोशिश करने लगे लेकिन सीआरपीएफ अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्हें आयकर विभाग की रेड से कोई लेना-देना नहीं है।

इंदौर: मुख्यमंत्री कमलनाथ के OSD के घर आयकर विभाग की छापेमारी

हाइलाइट्स

  • कमलनाथ के OSD प्रवीण कक्कड़ के करीबी कारोबारी अश्विन शर्मा के घर पर IT की रेड
  • रेड के दौरान पहुंची एमपी पुलिस, सीआरपीएफ और पुलिस में जमकर हुई कहासुनी
  • हमारे काम में रुकावट डाल रही मध्य प्रदेश पुलिस: सीआरपीएफ अधिकारी
  • पुलिस का दावा, आयकर विभाग की रेड से हमारा कोई लेना-देना नहीं

भोपाल
कोलकाता में छापे के दौरान राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसी के बीच बहुचर्चित टकराव के करीब 2 महीने बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऐसा ही मंजर दिखा है। फर्क सिर्फ इतना है उस बार पश्चिम बंगाल पुलिस और सीबीआई आमने-सामने थीं तो इस बार मध्य प्रदेश पुलिस और CRPF में नोक-झोंक हुई है। भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा स्थित एक घर के भीतर इनकम टैक्स की छापेमारी चल रही थी और बाहर एमपी पुलिस और सीआरपीएफ के बीच गंभीर टकराव की नौबत आ गई। सीआरपीएफ ने जहां एमपी पुलिस पर गाली देने और काम में बाधा डालने का आरोप लगाया है, वहीं एमपी पुलिस ने केंद्रीय बल पर आम लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के करीबी कारोबारी अश्विन शर्मा के घर पर रविवार शाम को आयकर विभाग की रेड के दौरान बिल्डिंग के बाहर सीआरपीएफ के जवानों और मध्य प्रदेश पुलिस में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सीआरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि सूबे की पुलिस उनके काम में रुकावट डाल रही है। इससे पहले, इसी साल फरवरी के शुरुआती हफ्ते में कोलकाता में पुलिस ने शहर के तत्कालीन कमिश्नर राजीव कुमार से सारदा स्कैम के सिलसिले में पूछताछ के लिए पहुंची सीबीआई की टीम को बंधक बना लिया था। कई घंटों बाद उन्हें छोड़ा गया। इस टकराव ने केंद्र बनाम राज्य का रूप ले लिया था। यहां तक कि खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पुलिस अफसर के समर्थन में धरने पर बैठ गई थीं।

भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा में स्थित अश्विन के घर पर सीआरपीएफ के साथ आयकर विभाग की टीम छापेमारी करने पहुंची थी। इस दौरान वहां मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारी भी पहुंच गए और बिल्डिंग के अंदर जाने की कोशिश करने लगे लेकिन सीआरपीएफ अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्हें आयकर विभाग की रेड से कोई लेना-देना नहीं है। भोपाल के एसपी सिटी भूपिंदर सिंह ने कहा, ‘हमें आयकर विभाग की रेड से कोई लेना-देना नहीं है, यह एक आवासीय बिल्डिंग है, अंदर कुछ लोग बीमार हैं और उन्होंने ही स्थानीय एसएचओ को फोन करके मदद के लिए यहां बुलाया है। रेड से पहले सीआरपीएफ ने पूरी बिल्डिंग को बंद कर दिया था।’

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वहीं दूसरी ओर सीआरपीएफ के अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा, ‘मध्य प्रदेश पुलिस हमें अपना काम नहीं करने दे रही है। पुलिस के अधिकारी हमें गालियां दे रहे हैं। हम सिर्फ अपने सीनियर अधिकारियों के आदेश का पालन कर रहे हैं। कार्रवाई जारी है, इसलिए हम किसी को भी अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। हम सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।’

कई जगह चल रही है IT की छापेमारी
बता दें कि आयकर विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश, गोवा और दिल्ली में करीब 50 जगहों पर छापेमारी की है जिसमें 300 अधिकारी जुटे हैं। इन्हीं में से एक मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण ककक्ड़ भी हैं जिनके इंदौर और भोपाल स्थित घर और दफ्तर में भी छापा मारा गया है। कमलनाथ के एक और नजदीकी आरके मिगलानी के नई दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित घर पर भी आयकर विभाग ने छापा मारा है।

कक्कड़ के निवास के अलावा रतुल पुरी, अमीरा ग्रुप और मोजर बेर पर भी छापे मारे गए हैं। भोपाल में प्रतीक जोशी के घर से बड़ी मात्रा में कैश भी बरामद किया गया है। इंदौर के साथ ही भोपाल, गोवा और दिल्ली में 35 जगहों पर छापेमारी की गई है।



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